सम संख्याएं (even numbers)--सम संख्याएं वे संख्याएं होती हैं जो 2 से पूर्णता विभाज्य हो, अर्थात यदि किसी संख्या को 2 से भाग किया जाए तो वह पूर्णतया उस संख्या से कट जाए।
उदाहरण-
2,4, 6, 8, 10,...... इत्यादि सभी संख्याएं सम संख्या के उदाहरण हैं।
विषम संख्याएं (odd numbers)-- विषम संख्याएं वे संख्या होती हैं जो 2 से पूर्णतया विभाज्य नहीं होती, अर्थात 2 से यदि किसी संख्या में भाग दिया जाए और वह पूर्णतया विभाजित ना हो सके तो उस संख्या को विषम संख्या कहते हैं।
उदाहरण-
1,3,5,7,9,15.... यह सभी संख्याएं विषम संख्या के उदाहरण हैं।
अभाज्य संख्या वे संख्याएं कही जाती हैं जो स्वयं और 1 के अतिरिक्त अन्य किसी संख्या से पूर्णतया विभाजित ना हो।
उदाहरण--
2,3,5,7,11,13,..... यह सभी संख्याएं अभाज्य संख्या हैं।
Note--
*2, सबसे छोटी अभाज्य संख्या है और जो सम भी है। अर्थात सबसे छोटी सम अभाज्य संख्या 2 है।
*9,15,21 ऐसी बहुत सी संख्याएं हैं जो विषम तो हैं पर अभाज्य नहीं है,क्योंकि यह संख्याएं स्वयं और एक के अतिरिक्त अन्य संख्या से भी पूर्णतया विभक्त हो जाती हैं।
उदाहरण के लिए,
9 स्वयं और 1 के अतिरिक्त 3,से भी पूर्णतया विभाज्य है।
15 स्वयं और 1 के अतिरिक्त 3,5, से भी पूर्णतया विभाज्य है।
21 स्वयं और 1 के अलावा 3,7 से भी पूर्णतया विभाज्य है।
युग्म अभाज्य संख्याएं(Pair prime numbers)--
उदाहरण-
2,4, 6, 8, 10,...... इत्यादि सभी संख्याएं सम संख्या के उदाहरण हैं।
विषम संख्याएं (odd numbers)-- विषम संख्याएं वे संख्या होती हैं जो 2 से पूर्णतया विभाज्य नहीं होती, अर्थात 2 से यदि किसी संख्या में भाग दिया जाए और वह पूर्णतया विभाजित ना हो सके तो उस संख्या को विषम संख्या कहते हैं।
उदाहरण-
1,3,5,7,9,15.... यह सभी संख्याएं विषम संख्या के उदाहरण हैं।
भाज्य संख्याएं(Composite numbers.)-- भाज्य संख्याएं वे संख्या होती हैं जो स्वयं और 1 के अतिरिक्त अन्य किसी संख्या से भी पूर्णतया विभक्त हो जाएं।
उदाहरण
4,6,9,15,21..... यह सभी संख्याएं भाज्य संख्या हैं।
*याद रहे भाज्य संख्याएं सम या विषम दोनों प्रकार की हो सकती हैं।
अभाज्य संख्याएं( prime numbers)--
अभाज्य संख्या वे संख्याएं कही जाती हैं जो स्वयं और 1 के अतिरिक्त अन्य किसी संख्या से पूर्णतया विभाजित ना हो।उदाहरण--
2,3,5,7,11,13,..... यह सभी संख्याएं अभाज्य संख्या हैं।
Note--
*2, सबसे छोटी अभाज्य संख्या है और जो सम भी है। अर्थात सबसे छोटी सम अभाज्य संख्या 2 है।
*9,15,21 ऐसी बहुत सी संख्याएं हैं जो विषम तो हैं पर अभाज्य नहीं है,क्योंकि यह संख्याएं स्वयं और एक के अतिरिक्त अन्य संख्या से भी पूर्णतया विभक्त हो जाती हैं।
उदाहरण के लिए,
9 स्वयं और 1 के अतिरिक्त 3,से भी पूर्णतया विभाज्य है।
15 स्वयं और 1 के अतिरिक्त 3,5, से भी पूर्णतया विभाज्य है।
21 स्वयं और 1 के अलावा 3,7 से भी पूर्णतया विभाज्य है।
सह अभाज्य संख्याएं(co prime numbers)----
दो या दो से अधिक संख्याओं के बीच यदि अधिकतम उभयनिष्ठ अर्थात common "1"हो तो वे संख्याएं सह अभाज्य संख्या कहलाती है।
उदाहरण
(2,3) ,(3,4) ,(4,5)… ऐसे ही बहुत सारी संख्याओं का जोड़ा (pair) है जो सह अभाज्य होती हैं।
यदि और भी आसान शब्दों में समझा जाए तो हम इसे इस प्रकार से भी समझ सकते हैं—-
2=1×2
3=1×3
दोनों संख्याओं के अभाज्य गुणनखंड में आप देखेंगे तो सिर्फ "1" ही उभयनिष्ठ अर्थात (Common), अर्थात दोनों में दिखता है ।अतः यह दोनों संख्याएं अर्थात 2और 3 सह अभाज्य होंगी इसी प्रकार आप अन्य को भी समझ सकते हैं।
Note—-सह अभाज्य संख्याओं के pair को प्राय small bracket में ही लिखा जाता है।
आप के लिए प्रश्न--
(7,2) ( 2,4) में कौन सी सह अभाज्य संख्या है
युग्म अभाज्य संख्याएं(Pair prime numbers)--
जिन अभाज्य संख्याओं के युग्म में उनके बीच केवल एक भाज्य संख्या होती है, वे युग्म अभाज्य संख्याएं कहलाती है।
उदाहरण के लिए, 11 और 13 युग्म अभाज्य संख्याएं हैं क्योंकि इनके बीच केवल एक भाज्य संख्या 12 है।
गुणज तथा गुणनखंड(Multiples and factors)---
गुणज
2×2=4
2×3=6
2×4=8
संख्याए 4,6,8..... संख्या 2 के गुणज हैं।
उदाहरण
9 और 8 के दसवा गुणज ज्ञात कीजिए?
9×10=90
8×10=80
गुणनखंड
गुणनखंड एक भाजक होता है उदाहरण के लिए हम 15 की संख्या को ले तो हम देखते हैं कि यह, संख्याओं 1,3,5,15 से पूर्णतया विभाजित हो जाती है अतः यह संख्याएं,15 के गुणनखंड हैं।
किसी भी संख्या का सबसे छोटा गुणनखंड एक है जबकि किसी भी संख्या का सबसे बड़ा गुणनखंड स्वयं वह संख्या ही है।
Note**संख्याओं की चार आधारभूत संक्रियाएं हैं --
जोड़ना,घटाना,गुणा,भाग ।
Note**संख्याओं की चार आधारभूत संक्रियाएं हैं --
जोड़ना,घटाना,गुणा,भाग ।
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